महिला बांझपन का इलाज - बच्चा न होने की समस्या का यूनानी उपचार
एक साल तक नियमित संबंध के बाद भी गर्भ न ठहरे तो इसे बांझपन कहते हैं। यह आम समस्या है और इसके पीछे महिला, पुरुष या दोनों के कारण हो सकते हैं - इसलिए हम हमेशा पति-पत्नी दोनों की जांच करते हैं, किसी एक पर बोझ नहीं डालते।
हाशमी दवाखाना, अमरोहा में हकीम साहब माहवारी की हिस्ट्री, हार्मोन, अल्ट्रासाउंड और सीमेन रिपोर्ट देखकर यूनानी इलाज, खान-पान और जीवनशैली की योजना बनाते हैं। आम बोलचाल में लोग इसे “pregnancy nahi ho rahi” या “aulad na hone ka ilaj” के नाम से ढूंढते हैं।

आम लक्षण
- 12 महीने कोशिश के बाद भी गर्भ न ठहरना (35 साल से ज़्यादा उम्र में 6 महीने)
- माहवारी अनियमित, बहुत कम, बहुत ज़्यादा या बंद होना
- माहवारी में तेज़ दर्द या संबंध के समय दर्द
- हार्मोन असंतुलन के लक्षण - मुहांसे, ज़्यादा बाल, वज़न बढ़ना
- बार-बार गर्भपात होना
संभावित कारण
- अंडा बनने (ovulation) में समस्या, अक्सर पीसीओएस या थायरॉइड के कारण
- इन्फ़ेक्शन के बाद फ़ैलोपियन ट्यूब बंद होना
- फ़ाइब्रॉइड या एंडोमेट्रियोसिस
- उम्र के साथ अंडों की गुणवत्ता कम होना
- पुरुष से जुड़े कारण जैसे शुक्राणु की कमी
- बहुत ज़्यादा या कम वज़न, तनाव और जीवनशैली
यूनानी चिकित्सा में इलाज का तरीका
यूनानी चिकित्सा में महिला बांझपन (उक़्र) को बच्चेदानी की कमज़ोरी, अनियमित माहवारी और हार्मोन की गड़बड़ी से जोड़ा जाता है। इलाज का मक़सद माहवारी नियमित करना, प्रजनन अंगों को मज़बूत करना और मिज़ाज ठीक करना है।
कुछ कारणों - जैसे ट्यूब बंद होना - में स्पेशलिस्ट की प्रक्रिया की ज़रूरत होती है, इसलिए हम सही जांच के आधार पर काम करते हैं और ज़रूरत होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ या फ़र्टिलिटी सेंटर जाने की सलाह देते हैं।
- पति-पत्नी दोनों का आकलन, अल्ट्रासाउंड, हार्मोन और सीमेन रिपोर्ट की समीक्षा
- माहवारी नियमित करने और ओव्यूलेशन में मदद के लिए व्यक्तिगत यूनानी दवा
- खान-पान और वज़न नियंत्रण की योजना
- तनाव कम करना और फ़र्टाइल दिनों की जानकारी
- जांच में कोई संरचनात्मक समस्या मिलने पर रेफ़रल की साफ़ सलाह
परामर्श (consultation) में क्या होता है
- 1फ़ोन, WhatsApp, वीडियो कॉल या अमरोहा क्लिनिक (हर दिन सुबह 11 से रात 8 बजे तक) में निःशुल्क और गोपनीय परामर्श लें।
- 2डॉ. हाशमी (BUMS, MD) आपके लक्षण, समस्या कब से है, खान-पान, नींद, जीवनशैली और चल रही दवाओं की पूरी जानकारी लेते हैं।
- 3आपके मिज़ाज (temperament) और सामान्य स्वास्थ्य का आकलन होता है; ज़रूरत हो तो जांच की सलाह दी जाती है।
- 4आपको व्यक्तिगत इलाज योजना, परहेज़ और जीवनशैली की सलाह मिलती है, और प्रगति देखने के लिए फ़ॉलो-अप होता है।
जीवनशैली से जुड़ी काम की बातें
- अपना मासिक चक्र और फ़र्टाइल दिन ट्रैक करें (28 दिन के चक्र में आमतौर पर 11-16वां दिन)
- वज़न संतुलित रखें - पीसीओएस में थोड़ा वज़न कम होने से भी ओव्यूलेशन लौट सकता है
- पति-पत्नी दोनों धूम्रपान और शराब छोड़ें
- गर्भ की योजना हो तो सलाह अनुसार फ़ोलिक एसिड लें
- कारण मान लेने के बजाय दोनों की जांच कराएं
डॉक्टर को कब दिखाएं?
अगर 12 महीने (महिला की उम्र 35 से ज़्यादा हो तो 6 महीने) बाद भी गर्भ नहीं ठहरा, माहवारी अनियमित या बंद है, पहले पेल्विक इन्फ़ेक्शन या सर्जरी हुई है, या बार-बार गर्भपात हुआ है, तो परामर्श लें।