बवासीर का यूनानी इलाज - कारण, लक्षण और उपचार
बवासीर (पाइल्स) में गुदा के अंदर और आसपास की नसें सूज जाती हैं। यह बहुत आम समस्या है, ख़ासकर उन लोगों में जो शौच के समय ज़ोर लगाते हैं, लंबे समय तक बैठे रहते हैं या जिन्हें पुरानी कब्ज़ है। अंदरूनी बवासीर में अक्सर बिना दर्द के ख़ून आता है, जबकि बाहरी बवासीर में खुजली और दर्द हो सकता है।
हाशमी दवाखाना, अमरोहा में हकीम साहब बवासीर का इलाज (bawaseer ka ilaj) यूनानी दवा, खान-पान और पेट की देखभाल से करते हैं, और जब सर्जन बेहतर विकल्प हो तो ईमानदारी से बताते हैं। मल के साथ ख़ून आने के और भी कारण हो सकते हैं, इसलिए नया ख़ून आना - ख़ासकर 40 की उम्र के बाद - हमेशा जांच करवाएं।

आम लक्षण
- शौच के बाद टॉयलेट पेपर या पॉट में चमकीला लाल ख़ून
- गुदा के पास खुजली, जलन या मस्सा
- बैठने या शौच के समय दर्द या बेचैनी
- पेट पूरी तरह साफ़ न होने का एहसास
- गुदा के आसपास सूजन या चिपचिपा स्राव
संभावित कारण
- पुरानी कब्ज़ और शौच में ज़ोर लगाना
- कम फ़ाइबर वाला खाना और कम पानी पीना
- लंबे समय तक बैठे रहना, शौचालय में देर तक बैठना भी
- गर्भावस्था और प्रसव
- मोटापा, भारी वज़न उठाना और पुरानी खांसी
यूनानी चिकित्सा में इलाज का तरीका
यूनानी चिकित्सा में बवासीर को कब्ज़ (क़ब्ज़) और मलाशय की नसों में ख़ून के जमाव से जोड़ा जाता है। इलाज का लक्ष्य है मल को नरम और नियमित करना, सूजन कम करना और नसों को मज़बूत करना: व्यक्तिगत खाने की दवा, लगाने की दवा और गुनगुने पानी की सिकाई (आबज़न)।
शुरुआती और मध्यम बवासीर में अक्सर इसी तरह की देखभाल से आराम मिल जाता है। जो मस्से बार-बार बाहर आते हैं, बहुत ज़्यादा ख़ून आता है या दर्द वाली गांठ (थक्का) बन जाती है, उनमें सर्जन की प्रक्रिया की ज़रूरत हो सकती है, और तब हम आपको रेफ़र करते हैं।
- लक्षण, शौच की आदतों और बवासीर के प्रकार की जांच
- मल, ख़ून और सूजन के लिए व्यक्तिगत यूनानी दवा
- दर्द और खुजली के लिए गुनगुने पानी की सिकाई (आबज़न)
- ज़ोर लगाना बंद करने के लिए फ़ाइबर और पानी की योजना
- फ़ॉलो-अप, और ख़ून की जांच ज़रूरी हो तो जांच के लिए रेफ़रल
परामर्श (consultation) में क्या होता है
- 1फ़ोन, WhatsApp, वीडियो कॉल या अमरोहा क्लिनिक (हर दिन सुबह 11 से रात 8 बजे तक) में निःशुल्क और गोपनीय परामर्श लें।
- 2डॉ. हाशमी (BUMS, MD) आपके लक्षण, समस्या कब से है, खान-पान, नींद, जीवनशैली और चल रही दवाओं की पूरी जानकारी लेते हैं।
- 3आपके मिज़ाज (temperament) और सामान्य स्वास्थ्य का आकलन होता है; ज़रूरत हो तो जांच की सलाह दी जाती है।
- 4आपको व्यक्तिगत इलाज योजना, परहेज़ और जीवनशैली की सलाह मिलती है, और प्रगति देखने के लिए फ़ॉलो-अप होता है।
जीवनशैली से जुड़ी काम की बातें
- फ़ाइबर बढ़ाएं - चोकर वाला आटा, दाल, सब्ज़ियां, फल, और सलाह हो तो इसबगोल
- दिन भर पर्याप्त पानी पिएं
- शौच में ज़ोर न लगाएं और देर तक न बैठें
- शौच की इच्छा हो तो रोकें नहीं
- सक्रिय रहें - रोज़ टहलने से पेट ठीक रहता है
डॉक्टर को कब दिखाएं?
अगर बहुत ज़्यादा या बार-बार ख़ून आ रहा है, मल काला है, ख़ून के साथ वज़न घट रहा है या शौच की आदत बदल गई है, या 40 की उम्र के बाद ख़ून आ रहा है, तो जल्द डॉक्टर को दिखाएं - दूसरे कारणों को जांचना ज़रूरी है। सख़्त, सूजी हुई गांठ के साथ तेज़ दर्द हो या ख़ून ज़्यादा जाने से चक्कर आए, तो अस्पताल जाएं।