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जोड़ों के दर्द और गठिया का यूनानी इलाज

40 की उम्र के बाद जोड़ों का दर्द डॉक्टर के पास जाने का सबसे आम कारण है। अक्सर इसकी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस होती है - घुटनों, कूल्हों, हाथों और रीढ़ की कार्टिलेज का घिसना - लेकिन यूरिक एसिड (गाउट), रूमेटॉइड आर्थराइटिस, पुरानी चोट और विटामिन डी की कमी से भी दर्द, सूजन और जकड़न होती है।

हाशमी दवाखाना, अमरोहा में हकीम साहब यूनानी दवा के साथ इलाज-बित-तदबीर जैसे मालिश (दलक) और गर्म सिकाई (तकमीद), और वज़न, खान-पान व व्यायाम की सलाह देते हैं। यूनानी इलाज आपके डॉक्टर की दवाओं के साथ लिया जा सकता है - कृपया अपनी चल रही दवाएं बंद न करें।

इन नामों से भी जाना जाता है:गठियाJodon ka dardघुटनों का दर्दवजा-उल-मफ़ासिलयूरिक एसिड
बिस्तर पर बैठी महिला दर्द वाले घुटने को पकड़े हुए

आम लक्षण

  • घुटनों, कूल्हों, हाथों, कंधों या कमर में दर्द, अक्सर काम के बाद ज़्यादा
  • सुबह की जकड़न जो चलने-फिरने से कम हो
  • जोड़ के आसपास सूजन, गर्मी या लालिमा
  • जोड़ों से कट-कट की आवाज़ और कम हिलना
  • एक जोड़ में अचानक तेज़ दर्द, अक्सर पैर के अंगूठे में (गाउट)

संभावित कारण

  • उम्र के साथ कार्टिलेज का घिसना (ऑस्टियोआर्थराइटिस)
  • ज़्यादा वज़न, जिससे घुटनों और कूल्हों पर भार पड़ता है
  • ज़्यादा यूरिक एसिड (गाउट) या सूजन वाला आर्थराइटिस
  • पुरानी चोट और बार-बार एक ही काम
  • विटामिन डी की कमी, कम चलना-फिरना और कमज़ोर मांसपेशियां

यूनानी चिकित्सा में इलाज का तरीका

यूनानी चिकित्सा में जोड़ों के दर्द (वजा-उल-मफ़ासिल) को जोड़ों में ख़राब अख़लात के जमा होने से जोड़ा जाता है। इलाज में दर्द और सूजन कम करने की व्यक्तिगत दवा, इलाज-बित-तदबीर जैसे दवा वाले तेल की मालिश (दलक) और गर्म सिकाई (तकमीद), और खान-पान में बदलाव शामिल हैं।

व्यायाम इलाज का हिस्सा है, उससे बचना नहीं है: मज़बूत मांसपेशियां जोड़ों को बचाती हैं। ज़्यादा टेढ़ापन, जोड़ का अटक जाना, या जोड़ को लगातार नुक़सान पहुंचाने वाला आर्थराइटिस हो तो हड्डी रोग या रूमेटोलॉजी विशेषज्ञ की राय ज़रूरी हो सकती है, और हम बताते हैं कब।

  • कौन से जोड़ प्रभावित हैं और आर्थराइटिस किस तरह का है, इसकी जांच
  • एक्स-रे, यूरिक एसिड, विटामिन डी और ख़ून की रिपोर्ट की समीक्षा
  • व्यक्तिगत यूनानी दवा और दवा वाले तेल
  • घर पर की जा सकने वाली मालिश और गर्म सिकाई की विधि
  • वज़न, खान-पान और हल्के व्यायाम की योजना, फ़ॉलो-अप के साथ

परामर्श (consultation) में क्या होता है

  1. 1फ़ोन, WhatsApp, वीडियो कॉल या अमरोहा क्लिनिक (हर दिन सुबह 11 से रात 8 बजे तक) में निःशुल्क और गोपनीय परामर्श लें।
  2. 2डॉ. हाशमी (BUMS, MD) आपके लक्षण, समस्या कब से है, खान-पान, नींद, जीवनशैली और चल रही दवाओं की पूरी जानकारी लेते हैं।
  3. 3आपके मिज़ाज (temperament) और सामान्य स्वास्थ्य का आकलन होता है; ज़रूरत हो तो जांच की सलाह दी जाती है।
  4. 4आपको व्यक्तिगत इलाज योजना, परहेज़ और जीवनशैली की सलाह मिलती है, और प्रगति देखने के लिए फ़ॉलो-अप होता है।

जीवनशैली से जुड़ी काम की बातें

  • चलते-फिरते रहें - रोज़ टहलें और हल्के मज़बूती वाले व्यायाम करें
  • अतिरिक्त वज़न कम करें; हर किलो कम होने से घुटनों पर भार घटता है
  • जकड़न में गुनगुनी सिकाई करें
  • गाउट में लाल मांस, कलेजी, शराब और मीठे पेय कम करें, और पर्याप्त पानी पिएं
  • हड्डियों या मांसपेशियों में दर्द हो तो विटामिन डी की जांच कराएं

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर जोड़ गर्म, लाल और बहुत सूजा है (ख़ासकर बुख़ार के साथ), गिरने के बाद जोड़ हिला नहीं पा रहे या वज़न नहीं डाल पा रहे, पैर में सुन्नपन या कमज़ोरी के साथ दर्द है, या कमर दर्द के साथ पेशाब-शौच पर नियंत्रण नहीं रहा - तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आख़िरी स्थिति इमरजेंसी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस में यूनानी दवा, तेल मालिश और सिकाई को वज़न घटाने और व्यायाम के साथ इस्तेमाल किया जाता है - सबसे ज़्यादा फ़र्क़ वज़न और व्यायाम से पड़ता है। इनका मक़सद लक्षण कम करना और चलने-फिरने में मदद है; घिसी हुई कार्टिलेज दोबारा नहीं बनती।

आमतौर पर हां, लेकिन अपनी सभी दवाएं हमें बताएं। रूमेटॉइड आर्थराइटिस या गाउट की दवाएं डॉक्टर से पूछे बिना बंद न करें - इससे दर्द बढ़ सकता है और जोड़ों को नुक़सान हो सकता है।

हां। नियमित टहलना और हल्के मज़बूती वाले व्यायाम ज़्यादातर तरह के आर्थराइटिस में दर्द और जकड़न कम करते हैं। धीरे शुरू करें और अचानक भारी ज़ोर से बचें।

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अंतिम अपडेट: 2026-10-25

यह पेज केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है, यह व्यक्तिगत चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। इलाज हर व्यक्ति की जांच के बाद ही तय होता है और परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। किसी योग्य डॉक्टर से बात किए बिना कोई दवा शुरू या बंद न करें।