दमा (अस्थमा) में यूनानी देखभाल
दमा सांस की नलियों की लंबी सूजन है, जिससे वे सिकुड़ जाती हैं और संवेदनशील हो जाती हैं। इसमें घरघराहट, खांसी और सांस फूलना आता-जाता रहता है, अक्सर धूल, धुआं, ठंडी हवा, ज़ुकाम या व्यायाम से। उत्तर भारत में प्रदूषण और मौसम बदलने से बहुत लोगों के लक्षण बढ़ जाते हैं।
हाशमी दवाखाना, अमरोहा में दमा का यूनानी इलाज (ज़ीक़-उन-नफ़स) आपके इनहेलर के साथ दिया जाता है, उनकी जगह कभी नहीं। हकीम साहब ट्रिगर, पाचन, बलग़म और सामान्य ताक़त पर ध्यान देते हैं। इनहेलर दमा का सबसे सुरक्षित और असरदार इलाज है - कृपया इन्हें बंद न करें।

आम लक्षण
- सांस लेते समय घरघराहट या सीटी जैसी आवाज़
- सांस फूलना, ख़ासकर रात या सुबह-सुबह
- लंबे समय तक रहने वाली खांसी, अक्सर रात में ज़्यादा
- छाती में जकड़न
- धूल, धुएं, ठंडी हवा, ज़ुकाम या व्यायाम से लक्षण बढ़ना
संभावित कारण
- परिवार में दमा, एलर्जी या एक्ज़िमा
- धूल के कण, पराग, फफूंद या पालतू जानवरों से एलर्जी
- धुआं - सिगरेट, चूल्हा, अगरबत्ती और कूड़ा जलाना
- वायु प्रदूषण और ठंडी, सूखी हवा
- सांस के इन्फ़ेक्शन, और कुछ लोगों में कुछ दर्द निवारक दवाएं
यूनानी चिकित्सा में इलाज का तरीका
यूनानी चिकित्सा में दमा (ज़ीक़-उन-नफ़स) को ज़्यादा बलग़म और सांस की नलियों की संवेदनशीलता से जोड़ा जाता है। यूनानी देखभाल में बलग़म और खांसी कम करने की व्यक्तिगत दवा, भाप लेना, और ट्रिगर कम करने व सामान्य सेहत सुधारने वाली खान-पान और जीवनशैली की सलाह दी जाती है।
इनहेलर - ख़ासकर रोज़ लिए जाने वाले प्रिवेंटर इनहेलर - सांस की नलियों की सूजन कम करते हैं और ख़तरनाक अटैक से बचाते हैं। आराम और सेहत के लिए यूनानी देखभाल जोड़ी जा सकती है, लेकिन इनहेलर बंद करना गंभीर अटैक का आम कारण है। हम हमेशा आपका अस्थमा एक्शन प्लान जारी रखने की सलाह देते हैं।
- लक्षण, ट्रिगर और आपके मौजूदा इनहेलर की जांच
- बलग़म और खांसी के लिए व्यक्तिगत यूनानी दवा
- ज़ुकाम के समय भाप और गुनगुने तरल की विधि
- धूल, धुएं और मौसम बदलने के लिए ट्रिगर प्लान
- फ़ॉलो-अप, और रिलीवर इनहेलर कब लेना है इसकी साफ़ जानकारी
परामर्श (consultation) में क्या होता है
- 1फ़ोन, WhatsApp, वीडियो कॉल या अमरोहा क्लिनिक (हर दिन सुबह 11 से रात 8 बजे तक) में निःशुल्क और गोपनीय परामर्श लें।
- 2डॉ. हाशमी (BUMS, MD) आपके लक्षण, समस्या कब से है, खान-पान, नींद, जीवनशैली और चल रही दवाओं की पूरी जानकारी लेते हैं।
- 3आपके मिज़ाज (temperament) और सामान्य स्वास्थ्य का आकलन होता है; ज़रूरत हो तो जांच की सलाह दी जाती है।
- 4आपको व्यक्तिगत इलाज योजना, परहेज़ और जीवनशैली की सलाह मिलती है, और प्रगति देखने के लिए फ़ॉलो-अप होता है।
जीवनशैली से जुड़ी काम की बातें
- इनहेलर ठीक वैसे ही लेते रहें जैसा बताया गया है, अच्छा महसूस होने पर भी
- धुएं से बचें - धूम्रपान न करें, चूल्हे और कूड़ा जलाने से दूर रहें
- हर हफ़्ते बिस्तर गर्म पानी में धोएं और कमरे धूल-मुक्त रखें
- ज़्यादा प्रदूषण वाले दिनों में मास्क पहनें
- डॉक्टर सलाह दें तो हर साल फ़्लू का टीका लगवाएं
डॉक्टर को कब दिखाएं?
अगर सांस इतनी फूल रही है कि पूरा वाक्य नहीं बोल पा रहे, होंठ या नाख़ून नीले पड़ रहे हैं, रिलीवर इनहेलर से आराम नहीं मिल रहा या हर कुछ घंटे में ज़रूरत पड़ रही है, या अटैक के दौरान सुस्ती या घबराहट हो रही है, तो तुरंत इमरजेंसी मदद लें।